सरकार द्वारा दिव्यांगजन के लिए "दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना" शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनो को पुनर्वास के लिए अपनी दुकान/व्यवसाय शुरू करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो नीचे दी गई पूरी जानकारी ध्यान से पढ़ें।
इस पहल का मुख्य लक्ष्य दिव्यांग लोगों को रोजगार के अवसर देना और उन्हे आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे लोग भी समाज मे सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सके।
योजना क्या है ? पूरी जानकारी
अगर कोई पात्र दिव्यांग व्यक्ति अपना खुद का दुकान / व्यवसाय आदि चलाना चाहता है। लेकिन उसके पास पैसे नहीं है तो घबराएं नहीं , अब सरकार आपकी सहायता करेगी । जिससे आप भी समाज में आत्मनिर्भर रह कर पूरे सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।
उत्तर प्रदेश राज्य में दिव्यांगजन सशक्तिकरण के तहत सरकार द्वारा दिव्यांगजनो (PwD’s) के लिए “दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना” (Shop Construction/Operation Scheme for PwDs) शुरू की गई है । इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगजन लोगों के पुनर्वास लिए अपनी दुकान/व्यवसाय शुरू करने हेतु सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना में दिव्यांग व्यक्तियों को अपनी खुद की दुकान खोलने/व्यवसाय चलाने के लिए लिए सरकार की तरफ से आर्थिक सहायत प्रदान की जाती है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें समाज में आत्मनिर्भर बनाना है।
दुकान निर्माण/दुकान खरीदने/किराए पर लेने के लिए स्थान का चयन:
दुकान या व्यवसाय चलाने के लिए सबसे पहले आपको एक उचित स्थान चुनना होगा। यह स्थान शहर और ग्रामीण क्षेत्र के हिसाब से कहीं भी हो सकता है । आपको ऐसा स्थान चुनना चाहिए जहां लोगों का आवागमन ज्यादा होता है जैसे बस स्टैन्ड के पास, शहर या ग्राम के चौराहे पर , किसी सरकारी दफ्तर इत्यादि ।
- शहरी क्षेत्र – ऐसा स्थान जहाँ व्यवसाय चलाने की पूर्ण संभावना हो।
- ग्रामीण क्षेत्र – ऐसा स्थान जहाँ सुगम परिवहन व्यवस्था हो और व्यवसाय चलाने की संभावना हो।
भुगतान प्रक्रिया:
आवेदन नियमों के अनुसार “पहले आओ, पहले पाओ ” के सिद्धांत पर स्वीकार किए जाएँगे। जो दिव्यांग व्यक्ति पहले आवेदन करेगा , उसी को सबसे पहले लाभ मिलेगा। भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से उनके बैंक खाते में किया जाएगा।
ऋण वसूली:
अब यहाँ आपको कुछ बातों को ध्यान से समझना होगा की इस योजना मे आपका जो भी स्वीकृत अमाउन्ट आपके खाते में मिलती है, वो पूरी तरह से Free नहीं होती। बल्कि उसका कुछ हिस्सा Loan (ऋण) होता है जिसे आपको सरकार को वापस करना होता है।
1. दुकान बनाने (Construction) के लिए
अगर अपने दुकान बनाने के लिए पैसा लिया है तब आपको :-
- एक साल बाद पैसा सरकार को लौटना शुरू करना होगा ।
- हर 3 महीने (तिमाही) 500 रुपये देना होगा ।
- ऐसे 30 किश्तों (installments) में पूरा पैसा चुकाना होगा ।
- इसका मतलब की आपको धीरे – धीरे छोटे किश्तों मे पैसे को आराम से लौटाना होगा ।
2. दुकान खरीदने के लिए :-
अगर अपने दुकान खरीदी है तब आपको :-
- 3 महीने के बाद से ही पैसा लौटना शुरू करना होगा ।
- प्रत्येक 3 महीने में 500 रुपये देना होगा ।
- कूल 30 किश्तों में पूरा पैसा जमा करना होगा।
3. खोखा / गुमती / हाथगाड़ी के लिए:-
अगर आपने कोई छोटा सेटप लिया है जैसे गुमती, खोखा और हाथगाड़ी इत्यादि तब आपको :-
- 3 महीने बाद से पैसा वापस देना शुरू करना पड़ेगा।
- इसमे आपको प्रत्येक 3 महीने में 250 रुपये वापस देना होगा।
- कूल 30 किश्तों मे भूगतान करना होगा।
4. ब्याज (Interest) कैसे देना है ?
अभी हमने स्वीकृत अमाउन्ट के मूल लोन राशि के भुगतान के बारे मे बताया। लेकिन जब आप अपने मूल राशि का भूगतान कर लेंगे तब आपको कुछ ब्याज भी देना होगा। अब मन से सवाल आएगा की ब्याज कितना देना होगा ? तो हम आपको बात दें की आपका जीतने का लोन अमाउन्ट स्वीकृत किया गया है उतने ही राशि पर 4% सालाना ब्याज भरना होगा।
ब्याज देने का तरीका क्या है ? :-
- ब्याज को आप 2 साल की किश्तों मे भर सकते हैं। जिसमे आपको हर महीने ब्याज जमा करना होगा।
- या फिर आप चाहें तो एक साथ भी पूरा ब्याज भी दे सकते हैं ।
योजना के लाभ :
इस योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को अपना व्यवसाय या दुकान चलाने के लिए सरकार की तरफ से एक आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है । यह सहायता ऋढ़ (Loan) और अनुदान (Grant) दोनों रूप में दी जाती है, जिससे लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है।
1.दुकान स्थापित करने के लिय सहायता
दुकान निर्माण या स्थापना के लिए कूल 20000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इसमे :-
- 15000 रुपये ऋढ़ (Loan) के रूप में दिया जाता है जिसपर लगभग 4% ब्याज लागू होता है।
- 5000 रुपये अनुदान (Grant) के रूप मे दिया जाता है। जिसे लाभार्थी को वापस करने की आवश्यकता नहीं होती है।
2. दुकान/खोखा/गुमती/हाथगाड़ी संचालन के लिए सहायता
व्यवसाय को शुरू करने के और चलाने के लिए कूल 10000 रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाती है। इसमे :-
- 7,500 रुपये ऋढ़ (Loan) के रूप में दिया जाता है, जिसपर लगभग 4% ब्याज लागू होता है ।
- 2500 रुपये अनुदान (Grant) के रूप मे दिया जाता है। जिसे लाभार्थी को वापस देने की आवश्यकता नहीं होती है ।
इसका मतलब यह है की लाभार्थी को 2500 रुपये का सीधा लाभ मिलता है और 7500 रुपये को धीरे – धीरे छोटे किश्तों में चुकाना होता है ।
योजना की पात्रता (Eligibility):
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को सरकार के द्वारा निर्धारित कुछ जरूरी नियमों और शर्तों को पूरा करना पड़ता है। नीचे दी गई पात्रता को ध्यान समझें और उसको फॉलो करें ।
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी दिव्यांग होना चाहिए ।
- आवेदक के पास कम से कम 40% दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए । यह प्रमाण पत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) या सरकारी अस्पताल (CHC/PHC) द्वारा जारी होना चाहिए।
- आवेदक के न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- आवेदक किसी भी आपराधिक या वित्तीय मामले में दोषी (Convicted) नहीं होना चाहिए।
- आवेदक के ऊपर किसी अन्य प्रकार का सरकारी बकाया (Due) तथा लोन नहीं होना चाहिए।
- दुकान निर्माण के लिए आवेदक के पास कम से कम 110 वर्ग फीट जमीन होनी चाहिए।
- यदि दुकान किराये पर दी जाती है, दिव्यांग व्यक्ति को कम से कम 5 वर्ष के लिए लीज (Lease Agreement) देना होगा। यह शर्त दुकान के संचालन और ये सुनिश्चित करने के लिए रखी गई है।
- आवेदक की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा (BPL) की सीमा से दो गुना नहीं होनी चाहिए।
इन सभी पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले दिव्यांग व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और सरकार की सहायता से अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज:
- आवेदक का पासपोर्ट साइज़ फोटो
- जन्म /आयु प्रमाण पात्र (Age Certificate)
- पहचान पात्र (ID Proof) जैसे आधार कार्ड/वोटर कार्ड/पैन कार्ड
- बैंक खाता का विवरण
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- सभी दस्तावेज सही और वैध होने चाहिए।
आवेदन कैसे करें:
- आवेदक को सबसे पहले दिव्यांगजन सशक्तिकरण की आधिकारिक वेबसाईट divyangjandukan.upsdc.gov.in पर जाएं।
- अब होमपेज पर जाकर “New Entry” क्लिक करें ।
- अब आपका आवेदन फार्म खूल जाएगा।
- अब आवेदक को अपना बेसिक डीटेल भरना होगा। जैसे Personal Details, बैंक डिटेल्स, आय प्रमाण पत्र इत्यादि।
- सभी जानकारी सही – सही भरें।
- अब अपना जरूरी दस्तावेज अपलोड करें ।
- Submit बटन पर क्लिक करके फॉर्म सबमिट कर दें।
महत्वपूर्ण लिंक्स और तिथियाँ :
| IMPORTANT LINKS AND DATES | |
| आवेदन शुरू | 1 जनवरी 2025 |
| आवेदन अंतिम तिथि | अभी जारी नहीं किया गया |
| Official Website | Click Here |
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Latest Updates :
इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया समय – समय शुरू की जाती है । इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाईट पर अपडेट चेक करते रहें। और हमारे वेबसाईट से जरूर जुड़े रहे ताकि लेटेस्ट अपडेट आपको सबसे पहले मिलती रहें।
Conclusion:
दुकान निर्माण या संचालन योजना वास्तव में दिव्यांगजनों के लिए शानदार मौका है। इससे वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। और अपनी आजीविका बेहतर बना सकते हैं। सरकार इसमें आर्थिक मदद, अनुदान और आसान किस्तों पर ऋण जैसी सुविधाएं देती है, जिससे कारोबार शुरू करना आसान हो जाता है। अगर आप इसके लिए पात्र हैं, तो यह योजना आपके लिए रोजगार पाने और भविष्य को सुरक्षित करने का अच्छा रास्ता हो सकती है। तो देर मत कीजिए, वक्त रहते आवेदन करें और इस योजना का पूरा फायदा उठाएं।
FAQ :
1 . Who is eligible for Divyangjan Swavalamban Yojana?
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी दिव्यांग होना चाहिए ।
- आवेदक के पास कम से कम 40% दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए । यह प्रमाण पत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) या सरकारी अस्पताल (CHC/PHC) द्वारा जारी होना चाहिए।
- आवेदक के न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- आवेदक किसी भी आपराधिक या वित्तीय मामले में दोषी (Convicted) नहीं होना चाहिए।
- आवेदक के ऊपर किसी अन्य प्रकार का सरकारी बकाया (Due) तथा लोन नहीं होना चाहिए।
- दुकान निर्माण के लिए आवेदक के पास कम से कम 110 वर्ग फीट जमीन होनी चाहिए।
- यदि दुकान किराये पर दी जाती है, दिव्यांग व्यक्ति को कम से कम 5 वर्ष के लिए लीज (Lease Agreement) देना होगा। यह शर्त दुकान के संचालन और ये सुनिश्चित करने के लिए रखी गई है।
- आवेदक की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा (BPL) की सीमा से दो गुना नहीं होनी चाहिए।
2. इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
उत्तर प्रदेश राज्य के सभी विकलांग व्यक्ति, जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं।
3. क्या विकलांगता के लिए कोई पात्रता प्रतिशत निर्धारित है?
आवेदक के न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
4. इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- आवेदक को सबसे पहल दिव्यांगजन सशक्तिकरण की आधिकारिक वेबसाईट divyangjandukan.upsdc.gov.in पर जाएं।
- अब होमपेज पर जाकर “New Entry” क्लिक करें ।
- अब आपके आवेदन फार्म खल जाएगा।
- अब आवेदक को अपना बेसिक डिटेल्स भरना होगा। जैसे Personal Details, बैंक डिटेल्स, आय प्रमाण पत्र इत्यादि।
- सभी जानकारी सही – सही भरें।
- अब अपना जरूरी दस्तावेज अपलोड करें ।
- Submit बटन पर क्लिक करके फॉर्म सबमिट कर दें।
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